छत्तीसगढ़:– विधानसभा में मंगलवार को प्रदेश के किसानों को मिलने वाले खाद बीज का मामला गूंजा। विपक्ष ने खाद की कालाबाजारी और किसानों की समस्या पर स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा कराने की मांग की, जिसे आसंदी ने स्वीकार नहीं किया इससे नाराज़ होकर विपक्ष के सभी सदस्य गर्भगृह में जाकर नारेबाजी करने लगे । इस पर स्पीकर ने विपक्ष के 34 सदस्यों को निलंबित करने की घोषणा कर दी।
शून्यकाल में आज विपक्ष के नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत, भूपेश बघेल, उमेश पटेल, संगीता सिन्हा समेत विपक्ष के अन्य सदस्यों ने स्थगन पर सदन में अपनी बात रखते हुए कहा कि सोसायटी में किसानों को DAP खाद नहीं मिल रहा है । वही बाजार में किसानों को तीन, चार गुना अधिक दर पर खाद लेना पड़ रहा है । विपक्ष ने गांवों में अघोषित बिजली कटौती पर भी अपनी बात रखते हुए किसानों को होने वाली समस्याओं से सदन को अवगत कराते हुए इस महत्वपूर्ण विषय पर लाये गये स्थगन पर चर्चा कराने का आग्रह आसंदी से किया। स्पीकर ने इस पर सरकार का जवाब मांगा। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने अपने लिखित जवाब में कहीं भी खाद, बीज संकट या कालाबाजारी से इंकार किया।
मंत्री के जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ और सदन में नारेबाजी करते हुए गर्भगृह में पहुंच गए। स्पीकर डॉ रमनसिंह ने नियमों का हवाला देते हुए विपक्ष के 34 सदस्यों के निलंबन की घोषणा की। कुछ देर बाद ही विधानसभा अध्यक्ष ने इनका निलंबन वापस ले लिया जिसके बाद सभी कांग्रेस विधायक सदन में लौट आए और अगली कार्यवाही में भाग लिया
