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चूइया अवैध रेत पर कार्रवाई या लीपापोती खनिज विभाग की भूमिका पर उठे सवाल

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कोरबा :- जिले के ग्राम पंचायत चुइया क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और भंडारण पर नकेल कसने के बजाए खनिज विभाग के अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि खनिज विभाग की टीम ने अवैध डंप की गई रेत को जब्त करने या नियमानुसार कार्रवाई के बजाए मिट्टी मिलाकर उसे बर्बाद कर दिया, जिससे शासन को भारी राजस्व का नुकसान पहुंचा है।
प्राप्त जानकारी और वायरल ऑडियो-वीडियो साक्ष्यों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई खनिज विभाग के अधिकारी मदन साहू माइनिंग निरीक्षक की मौजूदगी और उनके निर्देशों पर की गई। प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित पक्षों का कहना है कि 200 से 300 ट्रैक्टर रेत भंडारित किया गया था, जिस पर जब्ती बनाने के बजाए अधिकारियों ने जेसीबी् मशीन से मिट्टी भरवा दी।
सवाल: नामजद माफियाओं को बचाने की साजिश?

   स्थानीय चस्मदीको अनुसार, चूइया क्षेत्र में डंप की गई यह रेत माफियाओं की बताई जा रही है। इसके बावजूद भी मुख्य आरोपियों पर कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं की गई । रेत माफिया को सीधा संरक्षण: कार्रवाई के नाम पर लीपापोती करने और रेत में मिट्टी मिलाने के तरीके से खनिज विभाग की नीयत पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। क्या यह माफियाओं को बचाने और साक्ष्य मिटाने का प्रयास

अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल:
क्या ? दोपहर पहुंचे अधिकारियों ने तकरीबन शाम तक रुककर कृत्य को अंजाम दिया उच्च अधिकारियों को मामले में संज्ञान लेकर जांच टीम की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर अवैध रेत पर पर्दा डालने वाले अधिकारियों और रेत माफियाओं के गठजोड़ पर कड़ी कार्रवाई की जरूरत है।