कमियां छोड़, ‘रामायण’ को सपोर्ट कीजिए, वीएफएक्स विवाद में उतरे सेक्रेड गेम्स डिजाइनर्स, दर्शकों से की ये अपील…

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नई दिल्ली:- भारतीय सिनेमा में इन दिनों रणबीर कपूर स्टारर फिल्म रामायण को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। जहां एक तरफ फिल्म रामायण के भव्य स्केल और रिलीज को लेकर क्रेज देखा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इसके विजुअल इफेक्ट्स को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का दौर भी चल रहा है।

इस माहौल के बीच सेक्रेड गेम्स और फ़र्ज़ी जैसे पॉपुलर प्रोजेक्ट्स पर काम कर चुके मोशन डिजाइनर्स और वीएफएक्स सुपरवाइज़र्स ने खुलकर अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि इस तरह के बड़े प्रोजेक्ट्स की टांग खींचने के बजाय देश के दर्शकों को आगे बढ़कर इनका साथ देना चाहिए, ताकि भविष्य में भारतीय सिनेमा के लिए ग्लोबल मंच के दरवाजे खुल सकें।

वीएफएक्स पर हो रही तीखी आलोचना का सच
हाल ही में रणबीर कपूर की फिल्म रामायण के वीएफएक्स को लेकर कई तरह के सवाल उठाए गए हैं, जिसे इंडस्ट्री के जानकारों ने अनुचित करार दिया है। सेक्रेड गेम्स और गैंग्स ऑफ़ वासेपुर जैसी फिल्मों से जुड़े वीएफएक्स सुपरवाइजर विजेश राजन और यशोदा पार्थसारथी ने एक खास बातचीत में साफ कहा कि किसी भी प्रोजेक्ट के खिलाफ नेगेटिव माहौल बनाना सही नहीं है।

उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर चल रही ट्रोलिंग और तीखी टिप्पणियां उन कलाकारों और तकनीशियनों का मनोबल गिराती हैं जो दिन-रात एक करके पिक्सेल-दर-पिक्सेल मेहनत करते हैं। उनका मानना है कि क्रिएटिव कमियों पर चर्चा करना एक बात है, लेकिन बिना सोचे-समझे किसी बड़े प्रयास के खिलाफ कैंपेन चलाना फिल्म जगत के लिए निराशाजनक होता है।

हॉलीवुड के बजट से तुलना करना सही नहीं
जानकारों का यह भी कहना है कि हमारी फिल्मों की तुलना मार्वल या एवेंजर्स जैसी हॉलीवुड फ्रेंचाइजी से करना बिल्कुल नहीं है। हॉलीवुड के पास भारतीय फिल्मों के मुकाबले कई गुना ज्यादा बड़ा बजट और संसाधन होते हैं। वीएफएक्स के क्षेत्र में भारत ने पिछले 1 दशक में लंबा सफर तय किया है और तकनीकी रूप से लगातार सुधार हो रहा है।

इसके बाद भी जब लोग बिना यह समझे कि फोटोरीयलिस्टिक वीएफएक्स तैयार करने में कितनी कड़ी मेहनत और रिसर्च की जरूरत होती है, सीधे तौर पर तंज कसते हैं तो यह उन हजारों लोगों की मेहनत का अपमान जैसा लगता है जिन्होंने इस विजुअल दुनिया को गढ़ा है।
बड़े पैमाने पर तैयार हो रही है यह भव्य फिल्म
फिल्म रामायण अपनी भव्यता, हैंस जिमर और एआर रहमान जैसे दिग्गजों के संगीत तथा बेहतरीन तकनीशियनों के सपोर्ट के कारण पहले ही सुर्खियों में है। आने वाली 5 नवंबर को जब यह फिल्म दुनियाभर के सिनेमाघरों में दस्तक देगी, तो यह भारतीय मनोरंजन जगत के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।

भले ही ऑनलाइन दुनिया में इसे लेकर तमाम तरह की राय सामने आ रही हों, लेकिन इंडस्ट्री के पेशेवर लोगों का यह मैसेज साफ है कि कला और डिजाइन के इस बड़े सफर में सहानुभूति और समर्थन सबसे ज्यादा जरूरी है।