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PM मोदी ने किया शुभारंभ, इस बैंक को मिला नया डेटा सेंटर और साइबर सिक्योरिटी ट्रेनिंग हब…

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नई दिल्ली:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओडिशा के जटनी में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए ग्रीनफील्ड डेटा सेंटर और साइबर सिक्योरिटी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का उद्घाटन किया है। बता दें कि भुवनेश्वर के पास इन्फोवैली-II में तैयार की गई यह सुविधा देश के डिजिटल वित्तीय ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। वहीं इसका उद्देश्य बैंकिंग से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल सिस्टम को बेहतर तकनीकी सपोर्ट देना और साइबर सुरक्षा की तैयारियों को मजबूत करना है।

बताया जा रहा है कि इस परियोजना पर करीब 169 से 170 करोड़ रुपये खर्च होने की जानकारी है। जो लगभग 18.55 एकड़ में फैले इस परिसर में चार आधुनिक डेटा सेंटर बनाने के लिए किए गए है। वहीं ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल के बीच यह सुविधा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इन सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए भरोसेमंद तकनीकी व्यवस्था जरूरी होती है।
डिजिटल बैंकिंग और पेमेंट सिस्टम को मिलेगा सपोर्ट
जानकारी के लिए बता दें कि डेटा सेंटर ऐसी जगह होती है जहां बड़े सर्वर और नेटवर्किंग उपकरणों की मदद से डिजिटल जानकारी को स्टोर और प्रोसेस किया जाता है। बैंकिंग के मामले में इनका इस्तेमाल महत्वपूर्ण तकनीकी सिस्टम और भुगतान से जुड़ी सेवाओं को चलाने में होता है।

जिसमें RBI का नया डेटा सेंटर इन जरूरी डिजिटल सिस्टम को सपोर्ट करता है। इसके अलावा तकनीकी खराबी या अन्य व्यवधान आने पर सेवाओं को जारी रखने और सिस्टम को दोबारा चालू करने की क्षमता बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है। लेकिन किसी भी डेटा सेंटर की मौजूदगी अपने आप सभी तरह की तकनीकी समस्याओं या साइबर हमलों से पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं देती।
Tier IV सर्टिफिकेशन से लैस है नया डेटा सेंटर
RBI के इस डेटा सेंटर को Uptime Institute का Tier IV सर्टिफिकेशन मिला है जो डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर की सबसे ऊंची टियर कैटेगरी है। इसमें बिजली, कूलिंग और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के लिए मजबूत बैकअप सिस्टम शामिल होते हैं। इससे तकनीकी खराबी के दौरान सेवाओं पर असर कम करने में मदद मिल सकती है।
AI और साइबर सुरक्षा की भी होगी ट्रेनिंग
इस परिसर में साइबर सिक्योरिटी और एंटरप्राइज कंप्यूटिंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट भी बनाया गया है। यहां बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डेटा एनालिटिक्स और क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसी उभरती तकनीकों की ट्रेनिंग दी जाएगी। संस्थान में रिसर्च और तकनीकी क्षमता विकसित करने पर भी जोर रहने वाला है।

RBI के लिए इस सुविधा का एक बड़ा फायदा यह है कि देश में डिजिटल वित्तीय सेवाओं को सपोर्ट करने के लिए अतिरिक्त इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध होगा। वहीं नवी मुंबई में पहले से मौजूद डेटा सेंटर के साथ ओडिशा की यह सुविधा महत्वपूर्ण डिजिटल सिस्टम की उपलब्धता और आपात स्थिति में कामकाज जारी रखने की क्षमता मजबूत कर सकती है।