नई दिल्ली : हिंदू धर्म में वास्तु शास्त्र का अद्वितीय सार्वभौमिक महत्व है। वास्तु शास्त्र में घर की कई चीजों के लिए उचित दिशा-निर्देश और नियम बताए गए हैं। वास्तु के नियमों का पालन करने से जीवन में सकारात्मकता आती है और शांति और समृद्धि भी आती है।
हिंदू धर्म में वास्तु शास्त्र का अद्वितीय सार्वभौमिक महत्व है। वास्तु शास्त्र में घर की कई चीजों के लिए उचित दिशा-निर्देश और नियम बताए गए हैं। वास्तु के नियमों का पालन करने से जीवन में सकारात्मकता आती है और शांति और समृद्धि भी आती है।
हर कोई चाहता है कि उसे जीवन में सभी सुख-सुविधाएं मिले और वह सुखी जीवन जिए। इस सपने को साकार करने के लिए हर कोई कड़ी मेहनत और कोशिश करता है, लेकिन हर कोई सफल नहीं हो पाता। कुछ लोग कड़ी मेहनत करने के बाद भी निराश हो जाते हैं तो कुछ लोग अपनी सफलता का आनंद नहीं उठा पाते। अगर आपके जीवन में अचानक खुशियों का ग्रहण लग गया है तो इसे दूर करने में निम्नलिखित पांच सिद्धांतों पर आधारित वास्तु टिप्स काफी कारगर हो सकते हैं।
इस दिशा पर विशेष ध्यान दें
वास्तु के अनुसार सुख-समृद्धि चाहने वाले व्यक्ति को अपने घर की उत्तर-पूर्व दिशा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। वास्तु में इस दिशा को भगवान की पूजा के लिए बहुत शुभ माना जाता है। ऐसे में इस दिशा में गंदगी या कूड़ा नहीं फेंकना चाहिए। वास्तु के अनुसार इस दिशा की जमीन ऊबड़-खाबड़ या ऊंची-नीची नहीं होनी चाहिए। वास्तु के अनुसार आपके घर का पूजा कक्ष हमेशा उत्तर-पूर्व कोने में होना चाहिए।
जल का प्रवाह इस दिशा में रखें
वास्तु के अनुसार घर में कभी भी उत्तर से दक्षिण की ओर ढलान या पानी का बहाव नहीं होना चाहिए। वास्तु के अनुसार घर में पानी की निकासी हमेशा उत्तर या पूर्व दिशा में होनी चाहिए।
दक्षिण दिशा का वास्तु नियम
वास्तु के अनुसार घर की उत्तर-पूर्व दिशा को खुला रखना चाहिए। घर की दक्षिण दिशा को हमेशा ऊंचा रखना चाहिए। यह दिशा पितरों की मानी जाती है इसलिए अपने घर में मृत लोगों की तस्वीरें इस दिशा की दीवार पर लगानी चाहिए।
जल से संबंधित वास्तुदोष
वास्तु के अनुसार घर में जल संबंधी स्थानों पर कोई दोष नहीं होना चाहिए। वास्तु के अनुसार यदि आपके घर में नल या किसी अन्य स्थान से पानी लीक हो रहा है तो इसके दोष के कारण आपको आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसी खामियों को जल्द से जल्द दूर किया जाना चाहिए।
घर की छत के वास्तु नियम
वास्तु के अनुसार घर की छत पर कभी भी कूड़ा-कचरा नहीं रखना चाहिए और छत पर कांटेदार पेड़ नहीं लगाने चाहिए। माना जाता है कि इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। घर की छत का स्थान उत्तर-पूर्व दिशा में खुला एवं नीचा होना चाहिए। छत को हमेशा साफ रखना चाहिए।
