नई दिल्ली:- डिजिटल भुगतान को ज्यादा सुरक्षित और आसान बनाने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की सब्सिडियरी कंपनी ने BHIM ऐप में ‘MyUPI’ नाम का नया AI असिस्टेंट लॉन्च किया है। इसे 22 सितंबर को पेश किया गया। यह सुविधा उपयोगकर्ताओं को यूपीआई लेनदेन, शिकायत, सुरक्षा और ऑटोपे से जुड़े मामलों में सहायता देगी।
5 भाषाओं में 24 घंटे मिलेगी सहायता
MyUPI फिलहाल हिंदी, अंग्रेजी, तेलुगु, बंगाली और तमिल में 24 घंटे उपलब्ध है। उपयोगकर्ता सामान्य भाषा में अपनी समस्या लिखकर जानकारी या सहायता ले सकते हैं। यह सुविधा BHIM ऐप के ‘क्विक एक्शन्स’ सेक्शन में मिलेगी। शिकायत दर्ज कराने पर एक संदर्भ नंबर भी दिया जाएगा, जिसके जरिए शिकायत की स्थिति देखी जा सकेगी।
पुराने लेनदेन की जानकारी लेने या भुगतान से जुड़ी समस्या का समाधान पाने के लिए उपयोगकर्ताओं को लंबी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं होगी।
भुगतान से पहले नाम जांचने की सुविधा
MyUPI में ‘Pay Safe’ विकल्प भी दिया गया है। इसके जरिए भुगतान करने से पहले यूपीआई आईडी या क्यूआर कोड के आधार पर सामने वाले का नाम जांचा जा सकता है। इसके अलावा ‘Safety Switch’ की सुविधा भी है। फोन चोरी होने, खाते में संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने या किसी सुरक्षा संबंधी खतरे की आशंका होने पर उपयोगकर्ता बैंक खाते को तुरंत ब्लॉक कर सकते हैं।
यह सुविधा ऑनलाइन धोखाधड़ी के नए तरीकों से जुड़े अलर्ट देने में भी मदद करेगी।
ऑटोपे और पुराने फेल भुगतान पर भी नियंत्रण
MyUPI के जरिए उ
BHIM MyUPI में आया AI फीचर, पेमेंट से लेकर फ्रॉड तक ऐसे मिलेगी तुरंत मदद
डिजिटल भुगतान को ज्यादा सुरक्षित और आसान बनाने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की सब्सिडियरी कंपनी ने BHIM ऐप में ‘MyUPI’ नाम का नया AI असिस्टेंट लॉन्च किया है। इसे 22 सितंबर को पेश किया गया। यह सुविधा उपयोगकर्ताओं को यूपीआई लेनदेन, शिकायत, सुरक्षा और ऑटोपे से जुड़े मामलों में सहायता देगी।
5 भाषाओं में 24 घंटे मिलेगी सहायता
MyUPI फिलहाल हिंदी, अंग्रेजी, तेलुगु, बंगाली और तमिल में 24 घंटे उपलब्ध है। उपयोगकर्ता सामान्य भाषा में अपनी समस्या लिखकर जानकारी या सहायता ले सकते हैं। यह सुविधा BHIM ऐप के ‘क्विक एक्शन्स’ सेक्शन में मिलेगी। शिकायत दर्ज कराने पर एक संदर्भ नंबर भी दिया जाएगा, जिसके जरिए शिकायत की स्थिति देखी जा सकेगी।
पुराने लेनदेन की जानकारी लेने या भुगतान से जुड़ी समस्या का समाधान पाने के लिए उपयोगकर्ताओं को लंबी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं होगी।
भुगतान से पहले नाम जांचने की सुविधा
MyUPI में ‘Pay Safe’ विकल्प भी दिया गया है। इसके जरिए भुगतान करने से पहले यूपीआई आईडी या क्यूआर कोड के आधार पर सामने वाले का नाम जांचा जा सकता है। इसके अलावा ‘Safety Switch’ की सुविधा भी है। फोन चोरी होने, खाते में संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने या किसी सुरक्षा संबंधी खतरे की आशंका होने पर उपयोगकर्ता बैंक खाते को तुरंत ब्लॉक कर सकते हैं।
यह सुविधा ऑनलाइन धोखाधड़ी के नए तरीकों से जुड़े अलर्ट देने में भी मदद करेगी।
ऑटोपे और पुराने फेल भुगतान पर भी नियंत्रण
MyUPI के जरिए उपयोगकर्ता अपने सभी ऑटोपे या मैंडेट की जानकारी देख सकेंगे। जरूरत के अनुसार किसी ऑटोपे को रोकने, दोबारा शुरू करने या स्थायी रूप से रद्द करने का विकल्प भी मिलेगा। उपयोगकर्ता चाहें तो अपने मोबाइल नंबर को यूपीआई से अलग भी कर सकते हैं।
इसके अलावा ‘Transaction Replay’ सुविधा के जरिए पहले विफल हुए भुगतान को नए यूपीआई पिन के साथ दोबारा प्रोसेस किया जा सकेगा। यह सुविधा दूसरे ऐप से किए गए कुछ पुराने विफल भुगतानों के लिए भी उपलब्ध हो सकती है।
बिना यूपीआई पिन के नहीं होगा भुगतान
MyUPI का इस्तेमाल करते समय सुरक्षा व्यवस्था को बरकरार रखा गया है। कोई भी भुगतान यूपीआई पिन डाले बिना पूरा नहीं किया जा सकेगा। कंपनी के अनुसार, AI असिस्टेंट का उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को सही जानकारी देकर लेनदेन से जुड़ी समस्याओं पर समय रहते कार्रवाई करने में मदद करना है। भविष्य में इस सुविधा में अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को भी जोड़े जाने की तैयारी है।
पयोगकर्ता अपने सभी ऑटोपे या मैंडेट की जानकारी देख सकेंगे। जरूरत के अनुसार किसी ऑटोपे को रोकने, दोबारा शुरू करने या स्थायी रूप से रद्द करने का विकल्प भी मिलेगा। उपयोगकर्ता चाहें तो अपने मोबाइल नंबर को यूपीआई से अलग भी कर सकते हैं।
इसके अलावा ‘Transaction Replay’ सुविधा के जरिए पहले विफल हुए भुगतान को नए यूपीआई पिन के साथ दोबारा प्रोसेस किया जा सकेगा। यह सुविधा दूसरे ऐप से किए गए कुछ पुराने विफल भुगतानों के लिए भी उपलब्ध हो सकती है।
बिना यूपीआई पिन के नहीं होगा भुगतान
MyUPI का इस्तेमाल करते समय सुरक्षा व्यवस्था को बरकरार रखा गया है। कोई भी भुगतान यूपीआई पिन डाले बिना पूरा नहीं किया जा सकेगा। कंपनी के अनुसार, AI असिस्टेंट का उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को सही जानकारी देकर लेनदेन से जुड़ी समस्याओं पर समय रहते कार्रवाई करने में मदद करना है। भविष्य में इस सुविधा में अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को भी जोड़े जाने की तैयारी है।
