नई दिल्ली : देश में कई लोग पब्लिक प्रोविडेंट फंड स्कीम में निवेश करते हैं। निवेश का यह विकल्प देशभर में काफी लोकप्रिय है। वर्तमान समय में पीपीएफ में निवेश करने पर आपको 7.1 प्रतिशत की ब्याज दर मिल रही है। पीपीएफ स्कीम में निवेश करने पर आपको गारंटीड रिटर्न मिलता है। इस स्कीम में निवेश किए गए पैसों पर किसी प्रकार के बाजार जोखिमों के खतरों का सामना नहीं करना पड़ता है।
पीपीएफ स्कीम में आप न्यूनतम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये सालाना निवेश कर सकते हैं। पीपीएफ में निवेश किया गया पैसा 15 सालों में मैच्योर हो जाता है। हालांकि, आप पांच-पांच सालों के लिए अपनी निवेश अवधि को बढ़ा सकते हैं। अगर आप भी पब्लिक प्रोविडेंट फंड स्कीम में निवेश कर रहे हैं तो यह खबर खास आपके लिए है। पब्लिक प्रोविडेंट फंड स्कीम से जुड़े नियमों में कुछ बदलाव हुए हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से –
सर्कुलर के मुताबिक पीपीएफ स्कीम के जिन नियमों में बदलाव हुए हैं वह 1 अक्तूबर, 2024 से लागू हो जाएंगे। अगर आपका पब्लिक प्रोविडेंट फंड स्कीम में खाता है तो आपको बदले गए इन नियमों के बारे में जरूर पता होना चाहिए।
सर्कुलर के मुताबिक नाबालिग के नाम पर जो पीपीएफ अकाउंट खोले गए हैं उस पर पोस्ट ऑफिस के सेविंग अकाउंट के बराबर ब्याज मिलेगी। नाबालिग की उम्र जब 18 साल हो जाएगी उसके बाद उसको पूरी ब्याज दर का भुगतान किया जाएगा।
वे निवेशक जिन्होंने एक से ज्यादा पीपीएफ अकाउंट खोल रखा है उनके सिर्फ प्राइमरी अकाउंट पर ही पीपीएफ स्कीम की ब्याज दर लागू होगी। इसके अलावा दूसरे अकाउंट के बैलेंस को प्राइमरी अकाउंट में डाल दिया जाएगा।
सर्कुलर के मुताबिक एनआरआई पीपीएफ अकाउंट में 30 सितंबर तक पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट के बराबर ब्याज दर दिया जाएगा। इसके बाद उस पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा।
