नई दिल्ली:– पुराने जमाने में पक्षियों का महत्व सिर्फ संदेशवाहक तक सीमित नहीं था. वे राजा-महाराजाओं के संदेश एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाते थे. इसके अलावा, कई क्षेत्रों में पक्षियों को अर्थव्यवस्था सुधारने का माध्यम भी माना जाता था. लेकिन समय के साथ पक्षियों का महत्व सिर्फ संदेश या व्यापार तक नहीं रहा, बल्कि उनकी गतिविधियों को शकुन-अपशकुन से भी जोड़ दिया गया. शकुन शास्त्र के अनुसार, कौए से जुड़े कुछ संकेत भविष्य की अप्रिय घटना की ओर भी इशारा करते हैं. कौए से जुड़ा एक अपशुकन ऐसा जो, शादीशुदा जिंदगी की बर्बादी की ओर इशारा करते हैं. आइए जानते हैं कौए से जुड़े शकुन-अपशुकुन
भले ही आज का युग विज्ञान का है, लेकिन पक्षियों से जुड़े शुभ-अशुभ संकेतों में विश्वास आज भी कायम है. उदाहरण के लिए- कौए का दिखना अशुभ माना जाता है, तो वहीं मोर का दिखाई देना सौभाग्य का संकेत समझा जाता है. अगर कौआ अचानक सिर पर बैठ जाए या छू जाए, तो इसे शुभ या अशुभ घटना का पूर्व संकेत माना जाता है. हालांकि ज्योतिष शास्त्र इस प्रकार के अंधविश्वासों को पूरी तरह स्वीकार नहीं करता.
पक्षी कब होते हैं सौभाग्य का प्रतीक
पक्षियों की छोटी-छोटी हरकतों को भी शुभ या अशुभ माना जाता है. अगर कोई पक्षी किसी शुभ कार्य के समय सिर झुका ले या सामने आ जाए, तो यह सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है. वहीं, अगर कोई पक्षी आकर कंधे पर बैठ जाए, तो इसे धन लाभ या खुशखबरी का संकेत माना जाता है. ऐसी घटनाओं को लेकर मान्यता है कि जल्द ही आपके जीवन में कोई बड़ा और सुखद परिवर्तन हो सकता है.
कहां हुई थी शकुन-अपशकुन की शुरुआत?
मान्यता है कि पक्षियों से जुड़े शकुन-अपशकुन की परंपरा रूस से शुरू हुई थी. आज भी वहां के लोग इन संकेतों को लेकर गहरी आस्था रखते हैं. उनकी मान्यता के अनुसार, यदि कोई पक्षी आकर अपने आप सिर पर बैठ जाए तो यह खुशी और सौभाग्य का संदेश होता है.
कौए से जुड़े अपशकुन
कौए को लेकर सबसे ज्यादा शकुन-अपशकुन प्रचलित हैं. मान्यता है कि यदि शादी के मंडप में कौआ आकर बैठ जाए तो विवाह सफल नहीं होता या रिश्ते में दरार आ जाती है. कुछ जगहों पर इसे मृत्यु या अनिष्ट का संकेत भी माना जाता है.
