मध्य प्रदेश :– समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में सरकार को जनता से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। राज्य स्तरीय समिति को मंगलवार तक करीब 9.5 लाख सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों ने यूसीसी के पक्ष में अपनी राय दी है। आंकड़ों के अनुसार, कुल सुझाव देने वालों में लगभग 93 प्रतिशत लोगों ने समान नागरिक संहिता का समर्थन किया है।
समिति को प्राप्त सुझावों में महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। कुल 9.5 लाख सुझावों में करीब 4 लाख महिलाओं और 5.5 लाख पुरुषों ने अपनी राय दर्ज कराई। इसके अलावा 100 से अधिक ट्रांसजेंडर व्यक्तियों ने भी इस महत्वपूर्ण विषय पर अपने सुझाव समिति को भेजे हैं।
हिंदू समुदाय का पूरा समर्थन
रिपोर्ट के अनुसार, हिंदू समुदाय में यूसीसी को लेकर व्यापक समर्थन देखने को मिला। हिंदू समाज के 5.2 लाख पुरुषों में से लगभग 95 प्रतिशत और 3.7 लाख महिलाओं में से 97 प्रतिशत ने समान नागरिक संहिता के पक्ष में अपनी सहमति व्यक्त की है। वहीं सभी धर्मों की महिलाओं को मिलाकर देखें तो करीब 95 प्रतिशत महिलाओं ने यूसीसी का समर्थन किया है।
71% मुस्लिम महिलाओं ने किया सपोर्ट
मध्य प्रदेश में UCC को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा मुस्लिम समुदाय से मिले सुझावों को लेकर हो रही है। आंकड़ों के मुताबिक मुस्लिम समाज से कुल 44 हजार सुझाव प्राप्त हुए, जिनमें 29 हजार पुरुष और 15 हजार महिलाएं शामिल थीं। मुस्लिम पुरुषों में केवल 38 प्रतिशत लोगों ने यूसीसी का समर्थन किया, जबकि मुस्लिम महिलाओं में यह आंकड़ा 71 प्रतिशत तक पहुंच गया।
ये है UCC के समर्थन की वजह
विशेषज्ञों का मानना है कि मुस्लिम महिलाओं का यह समर्थन सामाजिक और कानूनी अधिकारों से जुड़ी अपेक्षाओं को दर्शाता है। पैतृक संपत्ति में समान अधिकार, बहुविवाह पर रोक, तीन तलाक जैसे मुद्दों पर स्थायी कानूनी सुरक्षा और गुजारा भत्ते के प्रावधानों को लेकर महिलाओं की सकारात्मक सोच यूसीसी के समर्थन की प्रमुख वजह मानी जा रही है।
2 हजार संस्थाओं ने दिए सुझाव
सार्वजनिक परामर्श प्रक्रिया के दौरान लगभग दो हजार सामाजिक, धार्मिक और अन्य संस्थाओं ने भी अपने सुझाव राज्य स्तरीय समिति को सौंपे हैं। इन सुझावों का अध्ययन कर समिति आगामी रिपोर्ट तैयार करेगी, जो प्रदेश में यूसीसी लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार बनेगी।
