कोरबा:–तीन साल पुराने वन अधिकार पत्र प्रकरण को लेकर ग्राम सभा सदस्यों का आरोप ! सचिव पर ग्राम सभा को गुमराह करने का दावा ग्राम पंचायत शिवपुर में सचिव संतोष राव को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है। ग्राम सभा के एक सदस्य एवं सामाजिक कार्यकर्ता ने आरोप लगाया है कि सचिव द्वारा वर्ष 2023 में आयोजित ग्राम सभाओं के दौरान वन अधिकार पट्टा संबंधी जानकारी को लेकर ग्राम सभा को गुमराह किया गया था, लेकिन आज तक इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं हुई।
आरोप के अनुसार 13 फरवरी 2023 को पूर्व माध्यमिक शाला फुलवारी तथा 14 फरवरी 2023 को ग्राम पंचायत भवन शिवपुर में आयोजित ग्राम सभा के दौरान लाउडस्पीकर के माध्यम से वनाधिकार पट्टा संबंधी जानकारी प्रस्तुत की गई थी। शिकायत कर्ताओं का कहना है कि उस समय प्रस्तुत तथ्यों को लेकर गंभीर आपत्तियां थीं, जिनकी जांच एवं कार्यवाही अब तक नहीं की गई।
मामले को लेकर ग्राम सभा सदस्यों में नाराजगी बताई जा रही है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि पूर्व में भी कई बार ग्राम सभा में सचिव को अन्यत्र स्थानांतरित करने अथवा हटाने संबंधी प्रस्ताव पारित किए गए, लेकिन उस पर अमल नहीं हुआ । इससे ग्राम सभा के निर्णय की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े खड़े हो रहे हैं।
बताया जा रहा है कि 5 जुलाई 2026 को प्रस्तावित ग्राम सभा के लिए भी सचिव को अन्यत्र स्थानांतरित करने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया गया है ग्राम सभा सदस्यों का कहना है कि यदि इस विषय पर निर्णय किया जाता है तो सचिव द्वारा उसे कार्यवाही पुस्तिका में विधिवत दर्ज किया जाना चाहिए।
ग्रामीणों के बीच अब यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या ग्राम सभा के निर्णय को नियमानुसार दर्ज कर आगे की कार्यवाही हेतु भेजा जाएगा या नहीं । वही मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
हालांकि इन आरोपों पर सचिव संतोष राव अथवा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है ।उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
*क्या ग्राम सभा के प्रस्तावों को नियमानुसार दर्ज किया गया?
*सचिव के विरुद्ध पूर्व प्रस्तावों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
*वन अधिकार पट्टा प्रकरण की जाच कब होगी?
*5 जुलाई 2026 की ग्राम सभा में क्या होगा फैसला?
*ग्राम सभा सर्वोच्च होने के बावजूद उसके निर्णय का पालन क्यों नहीं?
शिवपुर की ग्राम सभा में उठे सवाल अब निगाहें प्रशासनिक कार्यवाही पर
