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सर्दियों में सुबह उठने में होती है परेशानी? प्रेमानंद महाराज ने बताया जल्दी जगने का तरीका

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नई दिल्ली : सर्दियों में काफी काम आ सकते है। प्रेमानंद महाराज द्वारा बताए तरीके के अपनाकर आलस दूर कर सकते हैं और सर्दियों में समय पर जाग सकते हैं।

तापमान कम होता है तो शरीर में आलस बढ़ता है। सर्दियों के मौसम में लोग बिस्तर में अधिक वक्त बिताना पसंद करते हैं। रात छोटी महसूस होती है और नींद भी काफी आती है। इस कारण लोग सुबह जल्दी उठने में असमर्थ हो जाते हैं। सर्दियों में लोग सुबह जल्दी नहीं उठना चाहते हैं। नींद खुलने और बिस्तर से निकलने में उन्हें समस्या होती है। ऐसे में दिनचर्या से जुड़े अन्य कामों में भी देरी हो जाती है।

अगर आप ठंडी के दिनों में सुबह जल्दी उठने में परेशानी महसूस करते हैं तो ये खबर आपके काम की है। सुबह जल्दी उठने के लिए प्रेमानंद जी महाराज ने कुछ सुझाव बताए। ये सर्दियों में काफी काम आ सकते है। प्रेमानंद महाराज द्वारा बताए तरीके के अपनाकर आलस दूर कर सकते हैं और सर्दियों में समय पर जाग सकते हैं।

आध्यात्मिक गुरु प्रेमानंद जी महाराज बताते हैं कि नींद से जागने के लिए शरीर और दिमाग को प्रशिक्षित करनी जरूरत होती है। इसके लिए रोज सोने से पहले तय कर लें कि आपको सुबह उठना ही है। दिमाग को किसी काम के लिए दृढ़ता से तैयार करने से वह कार्य जरूर किया जा सकता है। ये तरीका आलस दूर करके आपको सुबह उठने में मदद कर सकता है।

सुबह जल्दी न उठ पाने का एक कारण है नींद का पूरा न हो पाना। सुबह जल्दी जागने के लिए एक रात पहले समय पर बिस्तर पर जाएं। जब रोजाना समय पर सोएंगे तो समय पर उठने की आदत स्वयं बन जाएगी। इससे शरीर के नींद चक्र में सुधार भी होता है। नींद चक्र में सुधार होने पर कम अवधि की नींद के बावजूद गुणवत्तापूर्ण नींद आती है और आप दिन ऊर्जावान ढंग से बिता पाते है। रात की अच्छी नींद का परिणाम ऊर्जावान दिन होता है।

दूसरा कारण है कि रात का खाने हमारी नींद पर बड़ा प्रभाव डालता है। इसलिए रात में खाना शाम को 6 बजे तक खाएं और हल्का भोजन लें। जल्दी भोजन करने से पाचन क्रिया समय पर होती है और बेहतर नींद आती है। देर से और भारी भोजन पेट में भरा और भारीपन महसूस कराता है, जिससे नींद नहीं आती। फिर सुबह उठने में भी समस्या हो सकती है। रात का खाना जल्दी और हल्का भोजन करने से न सिर्फ पाचन बेहतर होता है बल्कि नींद भी अच्छी और आरामदायक आती है और सुबह अपने आप नींद खुलती है।

नींद पर पानी का भी असर होता है। भरपूर पानी पीना शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। ये शरीर में ऊर्जा को बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है। अगर शरीर में पर्याप्त पानी होगा तो रात में प्यास कम लगेगी, जिससे अबाधित और बेहतर नींद आएगी। अबाधित नींद, नींद की गुणवत्ता को बेहतर बनाती है।

सर्दियों में सुबह देर तक सोते रहने का एक कारण होता है आलस और ठंड में गर्माहट देता आप का बिस्तर। कई बार नींद पूरी होने पर आप सुबह अपने समय पर जाग तो जाते हैं लेकिन अपने कंबल या रजाई से बाहर नहीं आना चाहते। शरीर को गर्माहट देती आपका बिस्तर आलस का कारण बनता है।