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क्या है फार्मिंग स्कैम और कैसे करता है काम? बचने के लिए जरूर अपनाएं ये उपाय

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नई दिल्ली : देश में बढ़ते साइबर खतरों के बीच एक नया साइबर स्कैम सामने आया है। जी हां, फार्मिंग स्कैम के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं, यही वजह है कि काफी लोग इसका शिकार हो रहे हैं। फार्मिंग एक तरह का ऑनलाइन स्कैम है, जिसमें मैलवेयर से प्रभावित कोड को किसी वेबसाइट या फिर नेटवर्क सर्वर में इंस्टाल किया जाता है। अक्सर इस तरह की वेबसाइट फर्जी और फ्रॉड के लिए इस्तेमाल की जाती है। इस तरह की वेबसाइट पर यूजर्स को उनकी मर्जी के बगैर लेकर जाया जाता है।

खतरनाक है फार्मिंग स्कैम

आपको बता दें कि फार्मिंग स्कैम में किसी लिंक पर क्लिक करने की जरूरत भी नहीं पड़ती है। स्कैमर्स इस तरह की वेबसाइट को इस तरह से डिजाइन करते हैं जैसे यह एकदम असली जैसी लगती हैं। इस धोखे में यूजर्स अपनी लॉगइन जानकारी वहां पर दर्ज कर देते हैं और स्कैमर्स को लोगों की पर्सनल जानकारी मिल जाती है।

कैसे काम करता है फार्मिंग स्कैम

फार्मिंग स्कैम में हैकर्स डीएनएस यानी डोमेन नेम सिस्टम पर निशाना साधते हैं और वेबसाइट अड्रेस को ट्रांसलेट करते हैं। इसके साथ ही यूजर्स को सही वेबसाइट पर पहुंचने की बजाय नकली वेबसाइट पर पहुंच जाता है।
हैकर्स कई बार फार्मिंग स्कैम में संदिग्ध कोड को वेबसाइट के अंदर भेजते हैं। इसके बाद कई बार सीएमएस यानी कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम भी प्रभावित हो जाता है। हैकर्स वेबसाइट की सुरक्षा में सेंध लगाकर उस पर फिशिंग अटैक करते हैं।

फार्मिंग स्कैम से ऐसे रहें सुरक्षित

फार्मिंग स्कैम में स्कैमर्स अक्सर वेबसाइट के साथ छेड़छाड़ करते हैं। ऐसे में किसी भी वेबसाइट पर लॉगइन करने से पहले उसे सही ढंग से वेरिफाई करें।

डिवाइस में हमेशा एंटीवायरस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करें। इसके साथ डिवाइस में हमेशा सुरक्षित ब्राउजर का इस्तेमाल करें।

अगर कोई अंजान शख्स ईमेल भेजकर आपको उसे खोलने के लिए प्रेशर डालता है तो वो फिशिंग ईमेल हो सकता है। इस तरह के ईमेल में कोई संदिग्ध लिंक हो सकता है, उसे गलती से भी क्लिक न करें।

हैकर्स के अटैक से बचने के लिए वीपीएन यानी वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसा करके आपका इंटरनेट सर्वर सुरक्षित हो सकता है। साथ ही आईपी अड्रैस और प्राइवेसी भी सेफ हो जाएगी।

इस तरह से स्कैम से बचने के लिए सार्वजनिक वाईफाई का इस्तेमाल न करें। सार्वजनिक वाईफाई के इस्तेमाल के दौरान गलती से भी बैंकिंग और सेफ्टी से जुड़े काम न करें।