नई दिल्ली : अगर आप बार-बार ओवर-द-काउंटर एसिटामिनोफेन, एस्पिरिन, इबुप्रोफेन और नेप्रोक्सन जैसी दवाओं का सेवन करते रहते हैं तो इसके गंभीर नुकसान हो सकते हैं। अध्ययन में शोधकर्ताओं ने अलर्ट किया है।
क्या आप भी शरीर में हल्का सा भी दर्द होने पर तुरंत पेनकिलर ले लेते हैं? अगर हां, तो सावधान हो जाइए इससे आपकी सेहत को कई तरह से नुकसान पहुंच सकता है। अब तक के कई अध्ययनों में स्वास्थ्य विशेषज्ञ आगाह करते रहे हैं कि ज्यादा पेनकिलर लेने से दीर्घकालिक रूप में किडनी और लिवर जैसे अंगों के क्षति की समस्या हो सकती है।
वहीं एक हालिया अध्ययन में बताया गया है कि कुछ लोगों में पेनकिलर के कारण आंतरिक रक्तस्राव होने का जोखिम दो गुना तक बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बिना डॉक्टरी सलाह के आपको किसी भी तरह की दवा लेने से बचना चाहिए, इसके गंभीर स्वास्थ्य दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
एक नए अध्ययन में पाया गया है कि जो लोग पहले से ही रक्त को पतला करने वाली दवाएं ले रहे हैं, उनमें पेनकिलर के कारण आंतरिक रक्तस्राव का खतरा अधिक हो सकता है। अगर आप बिना डॉक्टरी सलाह के बार-बार या लंबे समय तक इस तरह की दवाएं लेते रहते हैं तो अलर्ट हो जाइए।
किडनी डैमेज का रहता है खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया, अगर आप बार-बार ओवर-द-काउंटर एसिटामिनोफेन, एस्पिरिन, इबुप्रोफेन और नेप्रोक्सन जैसी दवाओं का सेवन करते रहते हैं तो इसके कारण भविष्य में आपको किडनी डैमेज होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसे मेडिकल की भाषा में एनाल्जेसिक नेफ्रोपैथी कहा जाता है।
जॉन्स हॉपकिन्स मेडिसिन के विशेषज्ञों ने एक रिपोर्ट में बताया कि दर्द निवारक दवाएं जिनमें दो या उससे ज्यादा सॉल्ट हैं, अगर आप लंबे समय तक इसे लेते रहते हैं तो इसके कारण आपमें किडनी डैमेज होने का खतरा काफी बढ़ सकता है।
हो सकता है आंतरिक रक्तस्राव
यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि जो लोग पहले से ही खून को पतला करने वाली दवाएं ले रहे हैं, अगर वह बिना डॉक्टरी सलाह के अक्सर इबुप्रोफेन या नेप्रोक्सन जैसी गैर-स्टेरायडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएं भी लेते रहते हैं तो उनमें आंतरिक रक्तस्राव का जोखिम दोगुना हो सकता है। इन दवाओं को दर्द निवारक के रूप में जाना जाता है।
आमतौर पर स्ट्रोक, दिल के दौरे या पैरों-फेफड़ों में रक्त के थक्कों के इलाज या रोकथाम के लिए ब्लड थिनर दवाएं दी जाती हैं।
हार्ट के मरीज बरतें विशेष सावधानी
डॉक्टर कहते हैं, ब्लड थिनर का सबसे ज्यादा उपयोग हार्ट के मरीज करते हैं, क्योंकि इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी जानलेवा समस्याओं से बचाव किया जा सकता है। इसके अलावा NSAID दवाओं में भी रक्त को पतला करने वाले गुण होते हैं, ऐसे में इन दोनों के संयोजन के कारण आंत, मस्तिष्क, फेफड़े और मूत्राशय में अनियंत्रित रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर रक्तस्राव की समस्या का समय पर निदान न हो पाए या फिर इसका उचित इलाज न मिले तो इसके कारण जान जाने का भी खतरा हो सकता है। इसलिए किसी भी तरह की दवा लेने से पहले एक बार डॉक्टरी सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।
क्या है डॉक्टर की सलाह?
अमर उजाला से बातचीत में नोएडा स्थित एक अस्पताल में इंटरनल मेडिसिन के डॉक्टर श्रेय श्रीवास्तव कहते हैं, हल्का सा सिरदर्द या बदन दर्द होने पर हम सभी ओवर द काउंटर दर्द निवारक दवाएं लाकर खा लेते हैं। इनसे आपको फौरी तौर पर आराम तो मिल जाता है, पर दीर्घकालिक रूप में ये काफी हानिकारक है। विशेषतौर पर यदि आप अक्सर या लंबे समय तक ये दवाएं लेते रहते हैं।
बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी दवा के सेवन से बचा जाना चाहिए।
