नई दिल्ली : 5 अक्तूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के वाशिम जिले में पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 18वीं किस्त को जारी कर दी है। इस दौरान भारत सरकार ने देशभर के करीब 9.4 करोड़ किसानों के खाते में 20 हजार करोड़ रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की है। देशभर के करोड़ों किसान बीते लंबे समय से 18वीं किस्त का इंतजार कर रहे थे। उनका यह इंतजार नवरात्रि के शुभ अवसर पर खत्म हो चुका है।
वहीं देश में कई किसान ऐसे हैं, जिनके खाते में अभी तक पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 18वीं किस्त नहीं आई है। अगर आपके खाते में भी योजना की 18वीं किस्त नहीं आई है तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। आज हम आपको उन जरूरी कार्यों के बारे में आपको बताने जा रहे हैं, जिन्हें कराने के बाद आपके खाते में अटकी हुई 18वीं किस्त तुरंत आ सकती है।
पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 18वीं किस्त खाते में न आने की मुख्य वजह योजना में ई-केवाईसी और भूलेखों का सत्यापन नहीं कराना है। अगर आपने अब तक पीएम किसान सम्मान निधि योजना में अपनी ई-केवाईसी और भूलेखों का सत्यापन नहीं कराया है।
इस स्थिति में आपको जल्द से जल्द ये दोनों जरूरी कार्य करा लेने चाहिए। ई-केवाईसी और भूलेखों का सत्यापन कराने के बाद आपके खाते में अटकी हुई 18वीं किस्त के पैसे आ जाएंगे।
इसके अलावा वे किसान जिन्होंने योजना में आवेदन करते समय गलत जानकारी दर्ज की थी उनके खाते में भी 18वीं किस्त के पासे नहीं आए हैं। इस स्थिति में आपको जल्द से जल्द योजना में दर्ज गलत जानकारी को ठीक करा लेना चाहिए।
देशभर में कई किसान ऐसे हैं, जो गलत ढंग से पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे हैं। इस कारण सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना में ई-केवाईसी और भूलेखों का सत्यापन अनिवार्य कर दिया है।
