नई दिल्ली : ऐसी मान्यता है कि बिना मां उग्रतारा के आदेश के तंत्र सिद्धि पूरी नहीं होती है। यही कारण है कि तंत्र साधना करने वाले लोग यहां अवश्य आते हैं। नवरात्रा में यहां साधकों की भीड़ लगती है।
आज शारदीय नवरात्रि का चौथा दिन। आज मां दुर्गा के चौथे स्वरूप कुष्माण्डा की पूजा की जाती है। सनातन धर्म में नवरात्रि पर शक्ति की साधना का बहुत अधिक महत्व होता है। आज के दिन मां कूष्मांडा की पूजा अर्चना की जाती है। शारदीय नवरात्र में उग्रतारा पीठ में पूजा का विशेष महत्व है। यह ऐतिहासिक मंदिर सहरसा जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर महिषी प्रखंड मुख्यालय स्थित तारा स्थान राज्य के प्रसिद्ध सिद्धपीठों में से एक है। मंडन मिश्र की पत्नी विदुषी भारती से आदिशंकराचार्य का शास्त्रार्थ यहीं हुआ था। जिसमें शंकराचार्य को पराजित होना पड़ा था। महिषी में भगवती तीनों स्वरूप उग्रतारा, नील सरस्वती एवं एकजटा रूप में विद्यमान है।
उग्र से उग्र व्याधियों का नाश करने वाली है
ऐसी मान्यता है कि बिना उग्रतारा के आदेश के तंत्र सिद्धि पूरी नहीं होती है। यही कारण है कि तंत्र साधना करने वाले लोग यहां अवश्य आते हैं। नवरात्रा में अष्टमी के दिन यहां साधकों की भीड़ लगती है। मान्यता यह भी है कि ऋषि वशिष्ठ ने उग्रतप की बदौलत भगवती को प्रसन्न किया। उनके प्रथम साधक की इस कठिन साधना के कारण ही भगवती वशिष्ठ आराधित उग्रतारा के नाम से जानी जाती हैं। उग्रतारा नाम के पीछे दूसरी मान्यता है कि माता अपने भक्तों के उग्र से उग्र व्याधियों का नाश करने वाली है। जिस कारण भक्तों द्वारा इनकों उग्रतारा का नाम दिया गया। यहां पूरे साल श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। पर्यटन विभाग द्वारा वर्ष 2012 से प्रत्येक साल तीन दिवसीय उग्रतारा महोत्सव का आयोजन किया जाता है।
बाढ़ को लेकर स्थगित हुआ महोत्सव
महिषी प्रखंड क्षेत्र में आए बाढ़ को लेकर चार से छह अक्टूबर तक पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित होने वाले उग्रतारा महोत्सव को स्थगित कर दिया गया है। मालूम हो कि वर्ष 2012 से प्रत्येक साल पर्यटन विभाग द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से महोत्सव का आयोजन करती थी। इस बार भी महोत्सव के आयोजन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थी। बाहर से आने वाले कलाकारों का चयन भी अंतिम चरण में था कि अचानक 28 सितंबर को नेपाल प्रभाग से पानी छोड़े जाने के कारण जिले के चार प्रखंड महिषी, नवहट्टा, सिमरी बख्तियारपुर, सलखुआ में बाढ़ आ गई है। स्थगन को लेकर जिला पदाधिकारी ने पत्र जारी किया है। जारी पत्र में डीएम ने कहा कि श्री उग्रतारा महोत्सव, 2024 के आयोजन से संबंधित बैठक में सर्वसम्मति से दिनांक 04 से 06 अक्टूबर 2024 तक महोत्सव आयोजन की तिथि निर्धारित की गई थी। बाढ़ के कारण अकस्मात स्थिति उत्पन्न हो सकती है। जिसके कारण दिनांक 04 से 06 अक्टूबर को निर्धारित श्री उग्रतारा सांस्कृतिक महोत्सव महिषी 2024 को अगले आदेश तक के लिए स्थगित किया जाता है। प्राकृतिक आपदा की स्थिति सामान्य होने के उपरांत बैठक कर महोत्सव की अगली तिथि सर्वसम्मति से निर्धारित की जाएगी। उग्रतारा न्यास समिति के सचिव केशव कुमार ने बताया कि आपदा को लेकर अगले आदेश तक आयोजन को स्थगित किया गया है लेकिन स्थिति सामान्य रही तो कोजेगरा में आयोजन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस बार सब्बीर कुमार का कार्यक्रम में आना तय हुआ था और अन्य का चयन अंतिम चरण में था कि अचानक बाढ़ आ गई।
