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नवरात्रि में गर्भवती महिलाएं रखें इन बातों का ध्यान, जानें उपवास में क्या करें और क्या न करें

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नई दिल्ली : नवरात्रि नौ दिन का पर्व है, जिसमें देवी पूजा होती है और श्रद्धालु उपवास करते हैं। नवरात्रि का पर्व श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है। नवरात्रि के मौके पर नौ दिन का उपवास किया जाता है, जिसमें लोग सिर्फ फलाहार करते हैं।

नौ दिन का उपवास गर्भवती महिलाओं के लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि उन्हें अपने और शिशु दोनों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना पड़ता है। गर्भवती महिला की डाइट में बदलाव आ जाता है। वहीं नवरात्रि के दौरान उन्हें व्रत का पालन करना होता है, जो उनके स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। हालांकि सही तरीके का पालन करके गर्भवती उपवास कर सकती हैं।

इस लेख में गर्भवती महिलाओं को नवरात्रि व्रत रखते समय किन बातों का ध्यान देना चाहिए, और बेहतर स्वास्थ्य के लिए क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए, इस पर सुझाव दिए गए हैं।

गर्भवती महिलाएं व्रत में क्या करें
डॉक्टर की सलाह लें

अगर गर्भावस्था में महिला उपवास करने का विचार कर रही हैं तो महत्वपूर्ण है कि अपनी शारीरिक और स्वास्थ्य स्थिति के बारे में सही जानकारी प्राप्त कर लें। इसके लिए व्रत करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। जरूरी नहीं कि अगर कोई गर्भवती व्रत रख रही हैं तो सारी महिला गर्भावस्था में उपवास करने के लिए सक्षम ही हों। अपनी सेहत और स्थिति के अनुसार ही निर्णय लें।

हाइड्रेटेड रहें

गर्भावस्था के दौरान शरीर को पर्याप्त पानी की जरूरत होती है। ऐसे में उपवास करते वक्त दिनभर पानी, नारियल पानी, नींबू पानी पीते रहें। पानी की कमी से डिहाइड्रेशन और अन्य समस्याएं हो सकती हैं।

छोटे-छोटे अंतराल में भोजन करें

गर्भावस्था में लंबे समय तक भूखे रहना सही नहीं है। उपवास के दौरान छोटे-छोटे अंतराल में फल, नट्स या दूध का सेवन करें। इससे ऊर्जा भी मिलेगी और कमजोरी भी दूर होगी।

पौष्टिक भोजन का चयन

अधिकतर स्थानों पर उपवास में अनाज का सेवन वर्जित है और फलाहार किया जाता है। गर्भवती भले ही अन्न का सेवन उपवास में न करे लेकिन फलाहार में ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें जो पौष्टिक हो। जैसे साबूदाना, सिंघाड़े का आटा, आलू, शकरकंद, दही, फल और नट्स

फोलिक एसिड और विटामिन जरूरी

गर्भवती महिलाओं को फोलिक एसिड और अन्य विटामिन्स की खुराक नियमित रूप से लेनी चाहिए। जिसे पूरा करने के लिए उपवास के दौरान डॉक्टर द्वारा दिए गए सप्लीमेंट लेना न भूलें, ताकि शरीर को आवश्यक पोषण मिल सके।
नवरात्रि व्रत में गर्भवती महिला क्या न करें

लंबे समय तक भूखे न रहें

ध्यान रखें व्रत का मतलब भूखे रहना नहीं है और गर्भवती स्त्री को तो इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि गर्भावस्था में लंबे समय तक भूखा रहना शरीर और शिशु दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है। इससे कमजोरी आती है, चक्कर आते हैं और शुगर लेवल में गिरावट हो सकती है, जो स्वास्थ्य के खतरनाक हो सकता है।

अधिक तली-भुनी चीजें न खाएं

उपवास में अक्सर लोग तली-भुनी चीजें खाते हैं लेकिन गर्भवती महिलाओं के लिए इस तरह का आहार नुकसानदायक हो सकता है। इससे पाचन संबंधी समस्याएं होती हैं। गर्भावस्था में हल्का और कम तला हुआ भोजन ही खाएं।

कैफीन और चीनी के अधिक सेवन से परहेज

कैफीन का सेवन गर्भवती के लिए नुकसानदायक हो सकता है। साथ ही गर्भावस्था में ज्यादा मीठा खाने से भी परहेज करना चाहिए। इसलिए चाय, कॉफी और बहुत अधिक मीठा खाने से बचें। इसके स्थान पर पौष्टिक चीजों का सेवन करें।

शारीरिक मेहनत और तनाव

व्रत के दौरान ऊर्जा में कमी आ जाती है। ऐसे में कोई शारीरिक गतिविधि करने से बचें। गर्भवती के लिए अधिक मेहनत करना जोखिम भरा हो सकता है। इसके साथ ही मानसिक तनाव से भी दूर रहें और खुद को शांत व सुकून में रहें।